अवधी लोककथा
नांत-बांत का सबका टोयन तब पलिहरवा मा सरपत बोयन
एक आदमी था। वह बहुत गरीब था। उसके पास एक छोटा सा खेत था। वह गरीब किसान अपने खेत में गेहूँ उगाना चाहता था। लेकिन उसके पास बीज नहीं थे। वह अपने सभी मित्रोंं-रिश्तेदारों और परिचितोंं के पास बीज माँगने गया लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। अंततः उसने अपने खेत में सरपत उगाया। कुछ समय बीतने के बाद उसके खेत में सरपत की बहुत अच्छी फसल हुई। अब वे सभी जिन्होंने बीज देने से मना कर दिया था सरपत माँगने पहुँचे। तब किसान ने कहा- 'भैया, नांत-बांत का सबका टोयन तब पलिहरवा मा सरपत बोयन।'
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